कर्णप्रिय संगीत लोगों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है व इसमें मानसिक शक्तियों को पुनर–उर्जितकरने के गुण होते है. संगीत के कई प्रकार होते हैं जो लोगों को अपने इच्छा अनुसार सुनना चाहिये.
अधिकांश जीव विशेष ध्वनियों के प्रति विशेष प्रकार से व्यव्हार करते है. प्रत्येक ध्वनि का व्यवहारिक व भावनात्मक महत्वप्रत्येक मनुष्य में भिन्न होता है. मनुष्यों के लिए विभिन्न संगीतों के मायने भी भिन्न होते है. कुछ संगीत उत्तेजना उत्पन्नकरते है तो वहीं कुछ मन को शांत करते है. कोई प्रेरणा दायक संगीत होता है तो कोई संगीत मनुष्य को समाधि की अवस्था मेंलेजाता है. शोधकर्ताओ ने संगीत के इन्ही गुणों का विश्लेषण कर संगीत को चिकित्सा के प्रयोग में लाया है.
वैज्ञानिक भाषावली में मन शांत करने वाला संगीत मस्तिष्क के तरंगो को ‘बेटा‘ से ‘अल्फ़ा‘, तद्द–नंतर ‘थेटा‘ से ‘डेल्टा‘ केस्थिति में लेजाता है जो आराम का उच्च स्थर है. जब भी मन अशांत होता है तो वह ‘बेटा‘ तरंगे निर्माण करता है. संगीत जोमन को शांतता प्रदान करने में साहयक होता है व उसे अधिक से अधिक समय तक इसी अवस्था में रहने देता है, तब यही संगीतके चिकित्सीय गुण मन–मस्तिष्क पर क्रिया करते है.
भारतीय शास्त्रीय संगीत का महत्व
हमारे प्राचीन शास्त्रीय संगीत की उत्पत्ति व विकास भी संगीत के यही विशेष चिकित्सीय गुणों पर आधारित है. सामवेद संहितामें रागों की रचना व इनके चिकित्सीय गुणों का वर्णन है, जो प्राणी के मन–मस्तिष्क व चायपचिय तंत्र (मेटाबोलिझम) परप्रभाव करता है. रागों पर कई शोध कार्य संपन्न हुवे है, जो इनके विभिन्न व्याधियों में लाभदायक होने को प्रमाणित करते है.उनमे से कुछ व्याधियों में लाभ करने में सहायक रागों का उलेख इस प्रकार है:
राग
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व्याधि व समस्या
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| अहीर भेरव | अपचन, आम्लपित्ति, गठिया, उच्च रक्तचाप. |
| भेरवी | आमवाती गठिया. |
| चन्द्र कौन्स | अरुचि, मानसिक अशांति. |
| दरबारी काणडा | सिरदर्द. |
| दीपक | अपचन, पित्त, पथरी. |
| गुजरी तोड़ी | खांसी, श्वास समस्या. |
| गुनाकली | आमवाती गठिया, कब्ज, सिरदर्द, बवासीर. |
| जौनपुरी | वात, कब्ज, दस्त. |
| जय-जयवंती | आमवाती गठिया, सिर दर्द, दस्त. |
| मालकौंस | अनिद्रा, वात. |
| पुरिया | कोलाइटिस, रक्ताल्पता, उच्च रक्तचाप. |
| पुरिया धनाश्री | रक्ताल्पता. |
| सोहनी | सिरदर्द. |
| बसंत बहार | पित्त की पथरी. |
| यमन | आमवाती गठिया. |
‘ॐ‘ के नाद से मानव के मन–मस्तिष्क पर एक बहुत शक्तिशाली प्रभाव पड़ता है. यह नाद परमेश्वरिय है, ऐसा माना जाता है. इस ॐ अक्षर के जाप से नाड़ी, रक्तचाप, तनाव, स्नायु तंत्र, पिट्यूटरी ग्रंथि, हाइपोथैलेमस, अंतःस्त्रावी तंत्र व तंत्रिका तंत्र केनियंत्रण व उपचार में साहयता मिलती है.
संगीत में चिकित्सीय शक्ति को सिद्ध किया गया है, फिरभी इसे पूर्ण स्वरुप से चिकित्सा का पर्याय नहीं समझा गया है. संगीतकई स्वास्थ्य समस्याओ में लाभ दायक है, चाहे आप गाते हैं, या कोई संगीत वाद्ययंत्र बजाते हैं या सिर्फ संगीत सुनते है, यहसब मन–मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए बड़े उपयोगी है.जटिल रोगों की तकलीफ या रोग से निजात पाने के लिए गीत–संगीतएक कारगर उपचार सिद्ध होने वाला है। बंगलुरू के स्वामी सच्चिदानंद मूर्ति का कहना है कि कुछ राग या रागों का मिश्रण ब्लडप्रेशर, हृदय रोग, अस्थमा और इसी तरह के जटिल रोगों में अचूक उपचार साबित हो रहे हैं।
स्वामी जी ने अपने केंद्र में विभिन्न रोगों के लिए कुछ संगीत रचनाएं तैयार किये हैं और इन्हें जरूरतमंदों तक पहुंचाया भी है।स्वामीजी का कहना है कि संगीत का सेवन प्रत्यक्ष रूप में अर्थात साज और गायकी के जरिए किया जाए तो बेहतर है। न हों तोकैसेट, सीडी आदि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का भी सहारा लिया जा सकता है।इन उपकरणों के नतीजे बहुत अच्छे तो नहींनिकलेंगे क्योंकि खुद किए गए अभ्यास में अपना पूरा अस्तित्व लगता है। जीभ, तालु, ओठ, कंठ आदि अंगों की सक्रियता शरीरमें जो प्रभाव उत्पन्न करती है, वह यांत्रिक संगीत से नहीं हो पाती। लेकिन उससे भी संगीत का थोड़ा बहुत उपचारात्मक प्रभावतो होता ही है।
इधर स्वास्थ्य विज्ञानियों और चिकित्सकों ने भी संगीत की उपचार क्षमता की पुष्टि की है। राजधानी स्थित बॉडी माइंडक्लिनिक में पिछले कुछ महीनों से संगीत चिकित्सा शुरू हुई है। क्लिनिक के प्रमुख व होलिस्टिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ आर केतुली के अनुसार इस पद्धति का रोगियों पर चमत्कारिक असर हुआ है।संगीत चिकित्सा मेटाबॉलिज्म को तेज करती है, उससेमांसपेशियों की ऊर्जा बढ़ाती है। भारत ही नहीं दुनिया के दूसरे देशों में भी संगीत की उपचार क्षमता पर कई अध्ययन अनुसंधानहो रहे हैं।मुंबई के एक अस्पताल और नागपुर के डॉक्टरों की टीम ने संगीत के प्रभावों का अध्ययन किया तो पाया कि ड्यूटी केदौरान दिल के दौरे पडऩे के मामलों में संगीत ने ब्रेक का काम किया। जिन पुलिस थानों और अनियत समय तक काम करनेवाले विभागों में मानसिक समस्या बढ़ रही थी वहां संगीत का उपयोग काफी असरदार साबित हुआ है।

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