Sunday, 16 July 2017

आरती श्री गंगा जी की

 श्री गंगा जी (Ganga ji Aarti in hindi Mp3)


ॐ जय गंगे माता, श्री जय गंगे माता

जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फ़ल पाता. ॐ जय …

चन्द्र-सी ज्योति तुम्हारी, जल निर्मल आता

शरण पड़े जो तेरी, सो नर तर जाता. ॐ जय …

पुत्र सगर के तारे, सब जग को ज्ञाता

कृपा दृष्टि हो तुम्हारी, त्रिभुवन सुखदाता. ॐ जय…

एक बार जो प्राणी, शरण तेरी आता

यम की त्रास मिटाकर, परमगति पाता. ॐ जय…

आरती मातु तुम्हारी, जो नर नित गाता

सेवक वही सहज में, मुक्ति को पाता. ॐ जय..

आपको यह पोस्ट भी जरूर पसंद आएगी

No comments:

Post a Comment