जगदम्बाजी की आरती (Jagdmbaji ki Aarti in hindi Mp3)
सुन ए अम्बा तिहारी लज्जा मोरी है |
म्हारी सकल भवानी शरणे आयोडा रा कारज सारिया |
मस्तक पर सोने रोटिको, अम्बाजी रो दर्शन दिखो |
ध्यान धरे ओ जटाधारी हे |सुन ए अम्बा …|1 |
महिषासुर मारयो दैत्य पछाड्यो, लाखा कारज सारिया |
भक्तजनों की रखवारी हे सुन ए अम्बा…….|2 |
हाथो रंग प्याला ,पोई ज्वाला , हो मतवाला दयाला |
सिंग चडन असवारी हे | सुन ए अम्ब ….|3 |
धेर घुमारो पहर घाघरो , ओड केशरिया साड़ी अम्बा |
पांचो री छवि न्यारी हे | सुन ए अम्बा ….|4 |
दर्शन दे दीजो,कृपा कीजो , चित चरणों में लीजो |
अब कोई अरज हमारी हे | सुन ए अम्बा ….|5 |
गावे नर नार , रखिये लाज , मारी आदि भवानी |
गावे बधावे अबला दासी हे |सुन ए अम्बा ……..|6 |
जोधानो में जवाला , बड़ी दयाला, हो संतन प्रतिपाला |
दर्शन ने आवे नरनारी हे |सुन ए अम्बा ……..|7 |
बाजा बाज बिरंगा बाजे , अम्बाजी रे नौपत बाजे |
ज्वालाजी रा झांझर बाजे अन्नपूर्णरा बिलिया बाजे |
थारे चरणां पर जाऊं बलिहारी ,भक्तो पर राखो कृपा भारी सुन ए अम्बा ……..|8 |
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